शुक्रवार, 12 नवंबर 2010

वल्लभ भवन में मुख्यमंत्री और मंत्रियों को खतरा?

भोपाल। चौकिए नहीं, यह हम नहीं बल्कि सामान्य प्रशासन विभाग के जारी एक आदेश से इस आशय के संकेत मिलते हैं। जीएडी प्रमुख सचिव ने मंत्रालय स्थित सभी विभागों के मुखियाओं से निवेदन किया है कि आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए। क्योंकि मंत्रालय में कैबिनेट के सदस्यों के कक्ष हैं और खतरा हो सकता है। जीएडी प्रमुख सचिव श्रीमती विजया श्रीवास्तव ने गत अट्ठाइस अक्टूबर को एक आशय का आदेश जारी किया है। आदेश में बताया गया है कि मंत्रालय में विभिन्न अधिकारियों के कक्षों में सुधार और रखरखाव का कार्य जारी है। कक्षों का सुधार कार्य विभिन्न एजेंसियों से कराया जा रहा है। इसके लिए एजेंसी के ठेकेदार और कारीगरों का मंत्रालय आना जाना होता है। जबकि इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग के अधीन एजेंसी राजधानी परियोजना प्रशासन अधिकृत है। मंत्रालय में अन्य एजेंसी से कक्षों की मरम्मत या सुधार कार्य नहीं कराया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त कक्षों से मरम्मत के दौरान निकाली गयी सामग्री मंत्रालय के गलियारों में अस्त-व्यस्त पड़ी रहती है। नियमानुसार अनुपयोगी सामग्री राजधानी परियोजना प्रशासन के सुपुर्द की जाना चाहिए जो नहीं हो रहा है।
सूत्र बताते हैं कि इस आदेश के नेपथ्य में जीएडी की कैबिनेट सदस्यों की सुरक्षा की चिंता समाहित है। बताया जाता है कि मंत्रालय में जिन विभिन्न एजेंसियों के द्वारा कक्षों का सुधार कार्य कराया जा रहा है वह तो कुछ हद तक ठीक है लेकिन सुधार कार्य में संलग् ठेकेदारों और कारीगरों की क्या पहचान है यह चिंता का विषय है। ठेकेदार और कारीगर सुधार कार्य के लिए पास का सहारा लेकर मंत्रालय में प्रवेश करते हैं। ठेकेदारों और कारीगरों का क्या रिकार्ड है किसी को पता नहीं रहता है। इस स्थिति में कैबिनेट सदस्यों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री के लिए तो सुरक्षा व्यवस्था मंत्रालय में हमेशा चॉक चौबंद रहती है लेकिन मंत्रियों के लिए मंत्रालय में सुरक्षा जरुरी है।

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