बुधवार, 21 जुलाई 2010

महिला हॉकी टीम में सेक्स स्कैंडल

बाइलाइन इंडिया. भारतीय महिला हॉकी टीम में सेक्स स्कैंडल का मामला उजागर होने के बाद सनसनी फैल गई है। सूत्रों के मुताबिक टीम की एक सदस्य ने टीम के कोच और पूर्व ओलंपियन महाराज किशन कौशिक पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। खेल मंत्रालय को पीडिता द्वारा लिखे गए पत्र में कोच पर यह आरोप लगाया गया है। इन आरोपो के बाद कोच को फिलहाल पद से हटा दिया गया है और मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। इस समिति में पूर्व कप्तान अजीतपाल सिंह, जफर इकबाल, राजीव मेहता और सुदर्शन पाठक को शामिल किया गया है।
11 जून के इस पत्र के अनुसार खिलाडियों ने आरोप लगाया है कि "कौशिक ने जूनियर लड़कियों से सेक्स संबंध बनाने को कहा और भद्दी टिप्पणियां करते हुए मैच से पहले होने वाली बैठक में उन्हें अपने कमरे में बुलाया। गरीब और अच्छे परिवारों से आई ये लड़कियां कोच के खिलाफ मुंह खोलने से बेहद डरी हुई थीं। दो साल पहले भी कोच के स्टाफ की महिला से भी अवैध संबंध रह चुके हैं। इन दोनों ने महिला हॉकी टीम के कैंप के माहौल को पूरी तरह से खराब कर दिया है। कैंप उनके बीच होने वाली घिनौनी करतूतों का अंग बन गया है।"
हालांकि, आरोपी कोच कौशिक ने इन आरोपों का सिरे से खारिज कर दिया है। कौशिक ने कहा कि मैं नहीं जानता यह पत्र किसने लिखा है लेकिन मैं खेल मंत्रालय से गुजारिश करूंगा कि इस मामले की पूरी जांच हो और जिसने मुझे बदनाम करने की कोशिश की है उसे कड़ी सजा दी जाए।
खिलाडियों द्वारा मंत्रालय को भेजे गए पत्र में महिला हॉकी टीम के वीडियोग्राफर पर भी अपने कमरे में कॉल गर्ल बुलाने का आरोप लगाया गया है। इसमें लिखा गया कि "टीम में दो विडियोग्राफर हैं जिन्हें स्पोर्टस अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नियुक्त किया है। इनमेें से एक हैं बसवराज जिन्हें कंप्यूटर्स का कतई ज्ञान नहीं है बस वो मैच को रिकॉर्ड करना जानते हैं। जबकि दूसरी सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल एच नलिनी हैं। लेकिन कौशिक किसी भी विदेश दौरे पर बसवराज को टीम के साथ ले जाते थे।
इसके पीछे का कारण था कि बसवराज कौशिक को घूस देता था साथ ही उसके लिए शराब का इंतजाम करता था। पूरी टीम इन सबसे परेशान थी।" खिलाडियों ने आखिर में इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि कौशिक मनोवैज्ञाकि रूप से फिट नहीं है। आखिर में पत्र में लिखा गया कि भारतीय टीम कोच के कारण अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है।

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